भारत में लेज़र थेरेपी

पिछले कई सालों से वैज्ञानिक क्षेत्र में लो लेवल  लेज़र प्रक्रिया ने अपनी काफी पहचान बना ली है । यही नहीं, चिकित्सा क्षेत्र के अलावा बालों की सुंदरता एवं घनत्व बढ़ाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाने लगा है ।यह एक क्रांतिकारी गैर शल्य खोज है उन लोगों के लिए जो अत्यधिक बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं । इसकी तुलना यदि दूसरे इलाजों के साथ किया जाये जैसे दवाइयां, हेयर ट्रांसप्लांट या स्टेरॉइड्स इंजेक्शंस तो इस पद्यति को सबसे कारगर और सुरक्षित माना गया है बिना किसी हानिकारक दुष्प्रभाव के । अभी भारत में ये लेज़र थेरेपी अपनी शुरुआती दौर में है लेकिन धीरे धीरे जैसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इस इलाज के बारे में पता चल रहा है वैसे वैसे ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसे अपना रहे हैं । दुनिया के प्रतिष्ठित नामों में से एक – हैरप्रो ने अपना बहुचर्चित लेज़र कैप भारत में लॉंच करके  एक बड़ा कदम उठाया है । हालाँकि इसे इस्तमाल करने से पहले यह ज़रूरी है की हम समझें इसकी टेक्नोलॉजी को । तो चलिए एक नज़र डालते हैं इसके पीछे के विज्ञान को –

लो लेवल लेज़र थेरेपी के पीछे का विज्ञान

लो लेवल  लेज़र थेरेपी को लेज़र फोटो थेरेपी के नाम से जाना जाता है । इसे सबसे पहले प्रोफेसर आंद्रे मेस्टर ने 1964 में बुडापेस्ट, हंगरी में ढूँढा था। उन्होंने कम पॉवर की लेज़र एनर्जी से चूहों के घाव भरने के लिए प्रयोग करे और पाया कि वह घाव ज़्यादा जल्दी भर रहे थे लेज़र के प्रभाव से । लो लेवल  लेज़र किरणों से खून का बहाव ज़्यादा अच्छे से घावों तक पहुँच रहा था ।  ठीक होने कि इस प्रक्रिया को डायबिटिक मरीज़ों में भी पाया गया जो कि बालों में कुपोषण के घावों से झूझ रहे थे । तभी से यह लेज़र पद्यति को अलग अलग रूप में बालों के अलग अलग समस्याओं के समाधान के रूप में प्रयोग किया जाने लगा । दुनिया भर में लोग इस तकनीक का फायदा उठा रहे हैं । हालाँकि भारत में अभी कुछ ही समय पहले तक यह तकनीक बहुत ही कम इस्तेमाल की गयी है परन्तु हैरप्रो लेज़र कैप के भारत में आ जाने से लोगों में इस के बारे में उत्सुकता और जागरूकता बढ़ी है जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसका फायदा उठाने को तैयार हो रहे हैं ।

कम स्तरीय लेज़र लाइट- क्या है ये ?

लो लेवल  लेज़र को ‘नर्म’ लेज़र या फिर ‘ठन्डे’ लेज़र भी बुलाया जा सकता है क्यूंकि इन्हे कोई थर्मल अंग नहीं चाहिए होता काटने, जलाने या भाप बनवाने के लिए। सरल शब्दों में अगर कहा जाये तो ये एक लाल रंग की कम स्तर तक के तरंग तक दबायी हुई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम की लाइट होती है ।वैज्ञानिकों का कहना है कि लेजर किरणों का निम्न स्तर कोशिकीय यौगिकों को क्रियाशील कर के बाल विकास को बढ़ाने के लिए सहायक होता है। 26 सप्ताओं के अध्यनों से पता चला है कि इसके उपयोग से बालों की वृद्धि 7 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यह सामान्य रौशनी से एकदम अलग होती है । इन असमानताओं को कुछ इस तरीके से समझा जा सकता है-

  • लो लेवल की लेज़र लाइट हमेशा एक सीधी लाइन में जाती है एवं वह एकदम संसक्त और स्पष्ट होती है
  • इस लेज़र लाइट की एक ही तरंग होती है जिसकी वजह से इसका हमेशा एक ही रंग होता है- लाल
  • यह एक केंद्रित किरण होती है जो किसी किसी भी एक जगह पर परिभाषित होती है

यूरोप में पहली बार विकसित हुई इस तकनीक को इस्तेमाल करने से यह देखा गया है कि इसकी कम क्षमता वाली किरणें फोलिकल्स (बालों के रोम) को क्रियाशील बना कर बालों की पुनः वृद्धि के लिए प्रेरित करती हैं। इसके उपयोग की शुरुआत में ही बालों में अस्थाई वृद्धि दिखने लगती है जो इस बात की सूचक होती है कि फोलिकल्स (बालों के रोम) बालों की वृद्धि के लिए तैयार हैं।

हाई पॉवर बनाम लो लेवल लेज़र लाइट थेरेपी

इन दोनों लेज़र लाइट में इकलौता सबसे बड़ा अंतर इन दोनों के पॉवर उत्पादन में है । इसे मिलिवाट्स में नपा जाता है । अब कौन सी लेज़र कब इस्तेमाल करनी है ये बात मरीज़ कि हालत पर निर्भर है ।इन दोनों लेज़र लाइट में अंतर तीन तत्वों पर निर्भर करती है-

  • प्रवेश की गहराई
  • चिकित्सा का समय
  • उपचारात्मक प्रभाव

इस प्रकार बाल झड़ने कि समस्या के लिए लो लेवल लेज़र थेरेपी ही सबसे बेहतर है क्यूंकि गरम करने कि जगह इसकी ठंडी फोटो एनर्जी बालों के फॉलिकल्स और हमारी सर कि त्वचा में खून का बहाव बढ़ाते हैं  । इसे हमारे बाल ज़्यादा बेहतर एवं ज़्यादा घने हो जाते हैं ।

लो लेवल लेज़र थेरेपी के फायदे

लेज़र फोटो थेरेपी कैप के फायदे दोनों महिलाओं और पुरुषों दोनों में देखी गयी है । इसके कुछ सिद्ध किये हुए फायदे कुछ इस तरह से हैं-

  • सर की त्वचा में खून का बहाव 54 परसेंट बढ़ा है केवल एक बार की सिटींग में
  • बालों का झड़ना 85 परसेंट मरीज़ों में या तो बंद हो गया या कम हो गया
  • ये किरणें बालों के फॉलिकल्स यानि उनके रोम को क्रियाशील बनती है जिससे उनमे वृद्धि देखी गयी है
  • सुन्दर, चमकदार एवं घने बाल
  • बालों की ताकत एवं लचक को बढ़ाता है
  • जिन मरीज़ों के पोस्ट ऑपरेटिव सर्जरी के बाल हैं उनमे यह थेरेपी प्रतिरोपित बालों की बढ़ने की क्षमता को बढ़ाता है तथा उन्हें स्वस्थ रखने में मददगार भी रहता है
  • केमिकल ट्रीटमेंट्स की वजह से बालों को जो नुकसान पहुंचा हो उससे भी यह ठीक करता है
  • लेज़र एनर्जी को नियमित तरीके से बैलन के रोम रोम यानि हेयर फॉलिकल्स तक सही मात्रा में पहुंचता है ताकि सभी तरफ से बैलन में घनत्व बढे

लो लेवल लेज़र थेरेपी खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कि इसे बहु- चिकित्सकीय व्यवस्था में लेते हैं एक अच्छे विशेषज्ञ कि निगरानी में।

क्या ये सुरक्षित है ?

जी हाँ !!! यह प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है । इस बात का आप अंदाज़ा इसी बात से लगा सकते हैं कि इसे दुनिया भर के सभी अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संगठनों ने इसे पास किया है और इसे ” गैर महत्त्वपूर्ण जोखिम वाले उत्पादों” कि लिस्ट में जगह दी है । पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों ने ये मन है कि यह ट्रीटमेंट बालों कि वृद्धि के लिए पूरी तरह से सेफ और कारगर प्रक्रिया है । इसका परिणाम अलग अलग लोगों में अलग अलग होता है ।बेहतर परिणामों के लिए हैरप्रो लेज़र कैप का उपयोग नियमित तौर पर किया जाना चाहिये तथा मनचाहा परिणाम पाने में 2 महीने से 2 साल भी लग सकते हैं। परिणाम आने के बाद पतले बाल भी मोटे और घने हो जाते हैं। हैरप्रो लेज़र कैप भारतीय मार्किट  की पहली ऐसी बालों कि वृद्धि के लिए लॉंच कि गयी पहनने योग्य कैप है  ।दुनिया भर के लोग इसे अपना चुके हैं, अब भारत की बारी है इस पद्यति को अपनाने का । अपने बालों के लिए बेस्ट सलाह के लिए आज ही अपने नजदीकी हैरप्रो विशेषज्ञ को फ़ोन करें और अपने बालों को उनकी कुदरती सुंदरता वापस लौटाएं ॥

Study source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3065857/      https://www.fda.gov/downloads/regulatoryinformation/guidances/ucm126418.pdf

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